जय गुरु देव
प्रेस नोट: 11.09.2022, उज्जैन (म.प्र.)
वक्त के गुरु में पिछले सभी सन्त समाए हुए दिखेंगे
सब जीवों के लिए अलग-अलग, मनुष्य के लिए शाकाहारी भोजन बनाया गया
लोभ लालच हविश में प्रभु पर विश्वास खो कर दिन-रात गलत काम करके दुनिया कमाने में लगे मनुष्य को समझाने चेताने वाले, प्रभु पर विश्वास पुनर्स्थापित करने वाले, शाकाहारी नशामुक्त सदाचारी बनने की प्रेरणा देने वाले, जिनमें पूर्व के सभी सन्तों के दर्शन अंतर में हो जाते हैं, घर में बरकत लाने का आसान तरीका बताने वाले, यमराज के बहीखाते से अपने अपनाये हुए नामदान लिए हुए जीव के कर्मों के हिसाब का पन्ना ही फाड़ कर शरीर और आत्मा दोनों की पूरी जिम्मेदारी लेने वाले इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु त्रिकालदर्शी उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 23 अगस्त 2022 दोपहर राजनादगांव (छत्तीसगढ़) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि कहा गया है- अजगर करे न चाकरी पंछी करें न काम, दास मलूका कह गए सबके दाता राम।
सब जीवों के लिए अलग अलग भोजन बनाया गया है
सबको वह प्रभु देता है। उसी ने सब व्यवस्था बना रखा है। लेकिन अलग-अलग भोजन अलग-अलग लोगों का है। मनुष्य का भोजन क्या है? जड़ वस्तु। यह जो पेड़ पौधे हैं इनके फल, कुछ ऐसे पत्ते होते हैं जिनका साग वगैरह खाया जाता है। गाय बकरी किसलिए बनाया? खाने के लिए नहीं बनाया कि उनके शरीर को काट कर खा जाओ बल्कि दूध निकाल कर पीने के लिए उनको बनाया। तो मनुष्य का भोजन क्या है? शाकाहारी साग सब्जी दूध मलाई, यह सब चीजें शाकाहारी है।
वक्त के गुरु में पिछले सभी सन्त समाए हुए दिखेंगे
महाराज जी ने 30 जनवरी 2022 प्रातः उज्जैन आश्रम में दिए संदेश में बताया कि आपको अभी साधना करना बताऊंगा। साधना जब आप करोगे, इस शरीर को, मन को जब साधोगे और सुरत को जीवात्मा को ऊपरी लोक में ले जाओगे और सन्तों को देखना चाहोगे, जिन लोगों ने नाम को जगाया, जिससे लोगों को फायदा हुआ या जिन्होंने यह ध्वनयात्मक नाम बताया, उनको अगर आप देखना चाहोगे, इच्छा करोगे तो एक साथ ही कई सन्त दिखाई पड़ जाएंगे और यह भी पहचान आपको करना होगा कि जिन्होंने रास्ता बताया, जो इस वक्त पर मौजूदा है, वह कैसे हैं, क्या है। तो सब का रूप उनमें दिखाई पड़ जाता है।
चुटकी निकालने की आदत डालो
महाराज जी ने 8 अप्रैल 2020 प्रातः उज्जैन आश्रम में दिए संदेश में बताया कि बच्चीयों देवियों माताओं के लिए मैं यह कहूंगा कि सब लोग अपने-अपने घरों में एक बर्तन में जब भी सुबह शाम दोपहर में जब भी भोजन बनाओ तो उसमें से आटा दाल चावल जो भी बनाओ, एक चुटकी उस बर्तन में रख दिया करो निकालकर के दोनों समय। वह जो आपका होगा, वह मुसीबत में लोगों के काम आएगा। वह आपके भी काम आ जाएगा जरूरत पड़ने पर। तो इसकी आदत डालो। इसको चुटकी कहते हैं। चुटकी निकालने का काम करो।
गलती की माफी यमराज के दरबार में नहीं होती
महाराज जी ने 2 अप्रैल 2020 सायं उज्जैन आश्रम में दिए संदेश में बताया कि माफी का समय होता है। समय जब निकल जाता है तब कोई माफी नहीं होती है। जब तक यह शरीर है, माफी इसी शरीर से होती है क्योंकि इंसान गलती भी इसी शरीर से करता है और माफी भी इसी शरीर से मांगी जाती है। इसी से जो बुरे कर्म बन जाते हैं वो अच्छे कर्म बनाकर के काटे जाते हैं। लेकिन शरीर जब छूट जाता है और वहां पर जब कर्मो के अनुसार जीव पेश किया जाता है तो यमराज धर्मराज माफ करने वाले नहीं होते हैं। कितना भी कोई रोवे चिल्लावे छटपटाये लेकिन माफी नहीं होती है। बल्कि डांट अलग से लगाते हैं, अब तुम माफी मांग रहे हो? माफी का वक्त तुम्हारे पास बहुत था जब तुम मनुष्य शरीर में थे। तब अपने धन बल मान प्रतिष्ठा पौरुष विद्वता योग्यता के घमंड में रह गए। उस वक्त तुमने किसी की बात सुना नहीं, सतसंग में तुम गए नहीं, सन्तों के पास गए नहीं, समर्थ गुरु की तुमने तलाश नहीं किया, उनके बताए रास्ते पर चले नहीं तो अब तुमको माफी नहीं होगी। अब तुम्हें सजा भोगनी ही पड़ेगी। फिर नरकों में जाना ही जाना पड़ता है। इसलिए सब लोग आप चेतो।