सन्तों के पास प्रकृति के नियम को बदलने का पावर होता है

 जय गुरु देव

प्रेस नोट: 12.09.2022, उज्जैन (म.प्र.) 

बन्द करो बाहर का खाना-पीना, स्वास्थ्य खराब करते हो और कर्म अलग से लादते हो

अपनी गृहस्थी की जिम्मेदारीयों का पालन करो

जिनके दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता कुछ न कुछ फायदा सबको होता है लेकिन इन पर पूरा विश्वास करने वाले के लिए तो अपनी दया का खजाना ही खोल देने वाले, विधि का विधान लॉ ऑफ कर्मा लॉ ऑफ नेचर मृत्युलोक के प्रकृति के नियम- इन सबसे परे जिनकी बैठक है, कोई ऐसा बिगड़ा काम नहीं जो ये न बना सके लेकिन हर चीज का एक तरीका होता है और भक्तों को अपने सतसंग में सभी तरीके बता देने वाले, स्वयं सतपुरुष जिस रूप में यहां आये हुए हैं ऐसे इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु त्रिकालदर्शी उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने  31 अगस्त 2022 दोपहर पालघर (महाराष्ट्र) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में लोक परलोक दोनों बनाने के तरीके बताए।



सन्तों के पास प्रकृति के नियम को बदलने का पावर होता है 

सतपुरुष की इतनी पावर होती है कि प्रकृति के नियम को बदल देते हैं। जैसे कहा गया सन्त चमत्कार नहीं दिखाते हैं लेकिन दुःखी प्रेमी जब उनके पास पहुंच जाते हैं और एकदम से समर्पण भाव आ जाता है तब। समर्पण का भाव  मतलब तुम्हारे अलावा और कोई नहीं, सब पर से विश्वास जब खत्म हो जाता है, उन पर ही विश्वास रहता है तो कभी-कभी जो होने लायक काम होता है उसको कर भी देते हैं और नहीं भी होने वाला काम भी कर देते हैं लेकिन उनको भोगना पड़ता है। जैसे गंदगी लेट्रिन संडास में से किसी को निकालना हो तो बदन में गंदगी तो लगेगी बदबू तो आएगा ही तो उनको भोगना पड़ता है इसलिए बचते हैं। अभी गंदगी से हर मनुष्य बचने की कोशिश करता है तो मनुष्य शरीर में वह भी रहते हैं तो गंदगी से बचने की कोशिश करते हैं।

अपनी जिम्मेदारीयों का पालन करो

बच्चे बच्चियां जब बड़े हो जाए तो शादी ब्याह देख करके आप अपने हिसाब से कर दो। उनको न खोजना करना पड़े। नहीं तो निभता नहीं है। दो महीने भी नहीं बीतते हैं तलाक के मुकदमे चालू हो जाते हैं। वह प्रेम परिवार में नहीं रह जाता है जो देवताओं को साक्षी देकर के हाथ पकड़ करके औरत का लाता था, पूरी जिंदगी साथ एक दूसरे का देते थे, परिवार के पालक होते थे, परिवार की सेवा करते थे, वह प्रेम नहीं रहता है, परिवार बिखर जाता है। इसलिए कहता हूं देख करके समझ करके आपकी जो जिम्मेदारी बनती है उसका पूरा पालन करो। छोटे बच्चे होते हैं इनके बिगड़ने की उम्र होती है। छोटा रहने पर ध्यान रखो बिगड़ने न पाए। पढ़ने जा रहे, कहां जा रहे, क्या कर रहे, थोड़ा नजर रखो। यह सब बात जरूर कहता हूँ।

सबके फायदे की बात

घर बनाने के लिए मना नहीं है। कोई कहता है जमीन खरीद ले? खरीद लो लेकिन लफड़े झगड़े की मत लेना। कोई कहता है दुकान खोल ले? खोल लो लेकिन सीख करके खोलो, पार्टनरशिप में मत खोलो, साझेदार मत बनो। कोई कहता है घर खरीद ले? खरीद लो लेकिन नया लेना, पुराना घर मत लेना। इन सब चीजों को पकड़ोगे, समझोगे तो इससे आपको फायदा दिखाई पड़ेगा।

साफ़ सफाई बड़ी चीज है

महाराज जी ने 10 मार्च 2022 प्रातः उज्जैन आश्रम में दिये गये संदेश में बताया कि परहेज बहुत बड़ी चीज होती है। परहेजी खाना खाओ और शरीर को अंदर-बाहर से साफ सुथरा रखो। सफाई, उजाला जहां रहता है वहां तकलीफ देने वाली चीजें नहीं आती हैं। कूड़ा-करकट गंदगी वाली जगह सांप-बिच्छू, मच्छर और तकलीफ देने वाले कीड़े वहीं छिपते हैं, मौका देख कर के खून चूस करके चले जाते हैं। सफाई बहुत बड़ी चीज है। आप जो घर में साफ सुथरा चौका लगाकर के बर्तन धो करके और अपना चावल का खराब दाना निकालकर के दाल को फटक करके बनाते हो, बढ़िया शुद्ध खाते हो। लेकिन होटल में जो तीन तीन दिन की दाल को सडा़ करके छौंका लगा कर के दे देते है, मालूम पड़ता है, खटाई पड़ी हुई है तो खा कर चले आते हो। अब मान लो उसमें कोई कीड़ा पड़ गया और कीड़ा पेट में आ गया तो वायरस पैदा करेगा, कहते हो वायरस हो गया। चमगादड़ गेगंटा और सांप भी खा जाते हो तो जहर कहां जाएगा? अरे यह शरीर बर्दाश्त कर पाएगा? इन गंदी चीजों को, जहर को बर्दाश्त कर पाएगा? जब जहर खाओगे तो मरोगे ही। देखो बंद करो बाहर का खाना पीना। अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हो तो बाहर की पकाई हुई चीजों को खाना बंद कर दो। जबान के स्वाद के लिए चट्टू बन गए, चाटते चले जा रहे। स्वास्थ खराब हो रहा है और कर्म अलग से लद रहा है। क्या फायदा? ऐसे बीमारियों को बुलावा दोगे तो बीमारी तो आएगी ही आएगी। आज ही से संकल्प बना लो।



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