जय गुरु देव
प्रेस नोट: 21.08.2022 महोबा (उ.प्र)
जयगुरुदेव नाम बोलने से प्रभु आपके अंदर अपना स्थान बनाएंगे
अंगुलमाल और वाल्मीकि जैसे डाकू बदल गए तो नाम ध्वनि बोलने से शराबी और मांसाहारी बदल जाएंगे
लोगों के दुःख से दुःखी होकर जयगुरुदेव नाम ध्वनि के रूप में बहुत ही सरल व्यवाहरिक सबके लिए सुगम उपाय बताने वाले जिसे कोई भी कभी भी करके किसी भी तरह की तकलीफ में लाभ आराम ले सकता है, इसका प्रैक्टिकल कर परीक्षा लेकर देख लेने की प्रेरणा देने वाले, घर-परिवार की समस्याएं टेंशन दूर होगी तभी तो आगे प्रभु, मोक्ष प्राप्ति की बात समझ में आएगी इसलिए पहले तकलीफों में आराम दिलाने वाले, वक़्त के महापुरुष सन्त सतगुरु दुःखहर्ता त्रिकालदर्शी परम दयालु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने जन्माष्टमी के अवसर पर 18 अगस्त 2022 दोपहर महोबा (उ.प्र.) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि यह जयगुरुदेव नाम उसी तरह से जगाया हुआ है जैसे त्रेता में राम नाम जगाया था राम ने। राम नाम पत्थर पर लिख कर के समुद्र में डाला, सारे पत्थर तैरने लगे थे। कृष्ण ने कृष्ण नाम को जगाया। कृष्ण कृष्ण जिसने पुकारा कृष्ण खड़े हुए मिले। जिस तरह से सत साहब नाम कबीर साहब ने, नानक जी ने वाहेगुरु, शिव दयाल जी ने राधास्वामी नाम जगाया उसी तरह से हमारे गुरु महाराज ने जयगुरुदेव नाम जगाया।
महापुरुषों द्वारा नाम को जगाया जाता रहा है जो कुछ समय तक चलता, प्रभावी रहता है
देखो कभी-कभी तो कुछ ही समय तक नाम रहा। जैसे त्रेता खत्म हुआ राम नाम हटा। द्वापर आया तो कृष्ण नाम का महत्व बढ़ा। कलयुग में पहले कबीर जी के सत साहब नाम का महत्व रहा। उनके साथ वह चला गया। फिर वाहेगुरु में ताकत आई, वो भी कुछ समय तक चला। फिर राधास्वामी नाम कुछ समय तक चला। ऐसे ही जयगुरुदेव नाम में ताकत भरा गुरु महाराज ने। गुरु महाराज तो चले गए दुनिया से लेकिन जयगुरुदेव नाम में अभी भी शक्ति ताकत है। बहुत से लोगों ने आजमाइश करके देखा। आप भी आजमाइश करके देख सकते हो। मुसीबत में पड़ो, तकलीफ में कहीं आ जाओ जयगुरुदेव नाम को बोलो।
मुझको रेलवे बस स्टेशन हवाई अड्डा कहीं भी ले चलो, बता दूंगा इसको यह तकलीफ है, गलत निकल जाए तो मत मानना
मैं देख रहा हूं घर-घर में बीमारी लड़ाई-झगड़ा वैमनस्यता कोई न कोई समस्या बनी हुई है। कमाई बहुत होती है बरकत नहीं होती। कोई न कोई दिक्कत आ जाती है। बनते-बनते आदमी का काम बिगड़ता है। बहुत सारी समस्याएं हैं। अब आप लोग न बताओ तो मैं बता सकता हूं। इसी (आई हुई भीड़) में बता सकता हूँ कि इनके यहां रोज झगड़ा होता है, बीमारी बराबर बनी ही रहती है। यदि पढ़े लिखे लोग आप चैलेंज करो तो 10-20-50 को बता सकता हूं। यही नहीं, ले चलो हमको हवाई अड्डा बस स्टेशन रेलवे स्टेशन, वहां पर बता दूंगा कि देखो यह ऐसा बोलता खाता होगा, ऐसी तकलीफ है। पूछ लेना। सच निकल जाए तो हमारी बात मान लेना नहीं तो कोई जोर जबरदस्ती नहीं है। लेकिन विश्वास फलदायकम, एक बार तो विश्वास करना ही पड़ता है। आपको जो बताया जाए, अगर विश्वास के साथ करोगे तो फायदा मिलेगा।
इतनी भारी संख्या में अब एक-एक आदमी को उपाय नहीं बताया जा सकता
देखो आप कितने आदमी हो, भारी संख्या में तकलीफ वाले बहुत हो। सब को एक एक करके तकलीफ के बारे में कैसे बताया जा सकता है? आपको कुछ बताया भी जाए तो विश्वास नहीं होता है क्योंकि हर आदमी को तो हम बता नहीं सकते हैं। हमारे साथ रहने चलने वाले से कहलवा देते हैं तो उसकी बात पर आपको विश्वास नहीं होता है, करते नहीं हो तो आप में अभाव आ जाता है कि हम सतसंग में जाते हैं और हमारा फायदा नहीं होता है। इसलिए मैं मंच से सब बात बताने लग गया क्योंकि संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। अब तो छोटे-छोटे कार्यक्रम में भी बहुत भीड़ होती है तो कहां तक बताया जा सकता है।
सौ मर्जों की एक दवाई, जयगुरुदेव नाम की ध्वनि एक घंटा सुबह शाम बोलना और बुलवाना शुरू कर दो
सौ मर्जों की एक दवाई में आपको बता देता हूं। जिनको किसी भी तरह की तकलीफ है, आप सब लोग अपने-अपने घर में जयगुरुदेव नाम की ध्वनि एक घंटा सुबह शाम को बोलना और पूरे परिवार को जिनको भी तकलीफ है या उस घर में तकलीफ होती है उनको बुलवाना शुरू कर दो। कैसे बोलना रहेगा-
जयगुरुदेव जयगुरुदेव जयगुरुदेव जयजय गुरुदेव
इसी तरह से बोलो और पूरे परिवार वालों को बुलावाओ। शाकाहारी रो। अगर कोई मांसाहारी भी है परिवार का, नहीं छोड़ रहा है, नाम ध्वनि अगर बुलवाते रहोगे उसका कर्म कटेगा और छोड़ देगा।
अंगुलमाल और वाल्मीकि जैसे डाकू बदल गए तो नाम ध्वनि बोलने से शराबी और मांसाहारी बदल जाएंगे
बदलने में देर नहीं लगती है। अभी खोजोगे तो इसी (भीड़) में मिल जाएंगे जो 10-10 क्विंटल मछली खाए बैठे हैं, कोई वेरायटी दारू का ऐसा नहीं है जो न पिए हो। समझ में आ गई बात, मन में आ गया तो छोड़ दिया। ऐसे छोड़ देते हैं क्योंकि जयगुरुदेव नाम अंदर में उनके जगह बनाएगा। प्रभु के लिए स्थान बनेगा। प्रभु अपना स्थान बनाएंगे जयगुरुदेव नाम के बोलने में। जयगुरुदेव नाम की ध्वनि बराबर बोलना और लोगों को बुलावते रहना।
