जय गुरु देव
प्रेस नोट: 15.08.2022 दुर्गापुर (प.बंगाल)
बंगाल में स्वतंत्रता दिवस पर रूह को निजात पाने का रास्ता नामदान की अमृत वर्षा
अच्छे काम में हिम्मत रखने वाले आदमी के पीछे बहुत लोग हो जाते तैयार
जिस धरती पर जन्म लिए हो उसके प्रति प्रेम वफादारी देशभक्ति की भावना भरने वाले, भारत को विश्व गुरु बनाने, देश और देशवासियों के भौतिक और आध्यात्मिक उत्थान में निरंतर लगे और अपने सभी प्रेमियों को लगाने वाले, बिना सम्मान की चाह के अंदर ही अंदर व्यक्ति परिवार समाज देश मानवता की जड़ों को पोषण दे कर मजबूत करने वाले, लोक-परलोक दोनों बनाने वाले, इस समय धरती पर मनुष्य शरीर में आये स्वयं प्रभु, मौजूदा वक़्त के महापुरुष सन्त सतगुरु दुःखहर्ता त्रिकालदर्शी परम दयालु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 15 अगस्त 2022 प्रातःकालीन बेला में दुर्गापुर (प. बंगाल) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि हिम्मत बहुत बड़ी चीज होती है। कहते हैं-
लोगों को समझाने के लिए ही गद्य पद यह कहावत बनाया गया है। हिम्मत बड़ी चीज होती है। हिम्मत रखना चाहिए। जब आदमी अच्छे काम में हिम्मत रखता है तो आगे बढ़ता है। ऐसे के पीछे लगने वाले बहुत लोग तैयार हो जाते हैं। अच्छे काम में हमेशा हिम्मत रखना चाहिए।
देश का जिससे नुकसान हो, तिफरका पैदा हो, ऐसा कोई काम न करो
देश प्रेम बनाए रखना। देश की संपत्ति आपकी अपनी संपत्ति है। देखो आज स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय पर्व है। देश को आजाद कराने में लोगों ने बहुत कुर्बानी दिया, मेहनत किया। देश के लोगों की आजादी खत्म न हो जाए इसलिए इसको बनाए रखना जरूरी है। कोई भी काम ऐसा न करो कि जिससे देश का, देश की संपत्ति का नुकसान हो, देश के प्रति कोई भी तिफ़रका पैदा हो, जो नियम कानून के खिलाफ हो। नियम-कानून का पालन करो, अधिकारियों कर्मचारियों का सम्मान करो।
जातिवाद, भाई-भतीजावाद, आतंकवाद इन्हें भूल करके सिर्फ मानववाद लाओ
भाई-भतीजावाद जातिवाद एरियावाद भाषावाद नक्सलवाद आतंकवाद यह जितने भी वाद है यह सारे के वाद खराब है। इन्हें भूलकर आप मानववाद लाओ। मानवता आ जाएगी, प्रेम हो जाएगा। भगवान ने कोई वाद पैदा नहीं किया। सबका शरीर हड्डी मांस आंख कान टट्टी पेशाब का रास्ता सबके अंदर है, एक जैसा है।
सबके अंदर प्रभु की अंश रूह जीवात्मा है इसलिए सबसे प्रेम करो
देखो जाति पाति एरिया जिला प्रांत देश ये तो आदमी ने बनाया। सबके अंदर जीवात्मा प्रभु की अंश एक जैसी है। तभी तो गोस्वामी जी ने कहा-
इसलिए सबसे प्रेम करो। हो सके तो किसी की मदद कर दो। बुरा मत चाहो। भूखा रुखा कोई आ जाए दरवाजे पर, है आपके पास तो खिला दो, प्यासा है तो पानी पिला दो। यह आपका गृहस्थ का धर्म बनता है। और बराबर ध्यान भजन करते रहना। शाकाहारी रहना। शाकाहारी का प्रचार करना।
तकलीफों में राहत पाने के लिए जयगुरुदेव नाम की ध्वनि एक-एक घंटा सुबह-शाम बोलना शुरू कर दो
जिन-जिन लोगों के यहां तकलीफ है, घरों में किसी भी तरह का कष्ट है वो लोग जयगुरुदेव नाम ध्वनि एक घंटा सुबह, एक घण्टा शाम को बोलना चालू करा दो, तकलीफों में कमी दिखाई पड़ने लगेगी।
