जब हर तरफ से निराश हो जाओ, जानमाल बचाने का कोई रास्ता न रहे तब जयगुरुदेव बोलना, हो जायेगी रक्षा

जय गुरु देव

प्रेस नोट: 29.07.2022 रेवाड़ी (हरियाणा)

जब हर तरफ से निराश हो जाओ, जानमाल बचाने का कोई रास्ता न रहे तब जयगुरुदेव बोलना, हो जायेगी रक्षा

बराबर जयगुरुदेव नाम अगर बोलते रहोगे तो जयगुरुदेव नाम के आगे मुसीबत आ ही नहीं सकती

जब तक लड़ाई झगड़ा बीमारी टेंशन रूपी मर्ज को खत्म नहीं करोगे तब तक भजन में मन नहीं लगेगा

आपके कहने, टाइट होने, जूता मारने पर भी शराब न छोड़ रहा हो तो नाम ध्वनि बोल, बुलवा कर देख लो, छोड़ देगा

60 साल से भूत बुड्ढे पर, मरने पर लड़के पर लगे फिर पोते पर लग गए लेकिन नाम ध्वनि होने लगी तो घर छोड़कर भग गये

घर में किसी भी तरह की समस्या हो, जयगुरुदेव नाम ध्वनि करोगे तब तो आराम मिलेगा

मौत के आखिरी समय पर जयगुरूदेव नाम मुंह से निकलने पर यमराज के दूत भाग जाएंगे

बड़े प्रेम से सबको अपना मानते हुए उनके भले की बात समझाने वाले, लोक-परलोक दोनों जुड़े हुए हैं इसलिए परलोक के साथ-साथ इस लोक में भी बिगड़े काम बनाने का रास्ता बताने वाले, शारीरिक, मानसिक व आत्मिक सुख शांति दिलाने वाले, घर परिवार की हर तरह की समस्याओं को सुलझाने का सरल व्यवाहरिक उपाय बताने वाले, उस उपाय को करने के लिए बार-बार समझाइश करने, प्रेरणा देने वाले वक़्त के महापुरुष सन्त सतगुरु दुःखहर्ता त्रिकालदर्शी परम दयालु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के प्रति माह कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाए जाने वाले मासिक भंडारा पर्व के शुभ अवसर पर 26 जुलाई 2022 प्रातः कालीन बेला में बावल आश्रम, रेवाड़ी (हरियाणा) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि सब के लिए एलान हो गया कि जब भी मुसीबत आवे तब जयगुरुदेव नाम को बोलना। जब हर तरफ से निराश हो जाओ, कोई भी जानमाल को बचाने वाला रास्ता न रह जाए, सभी आदमी देवता भगवान सबको याद कर लेना, जब कोई सहारा न हो तब जयगुरुदेव नाम बोलना, परीक्षा लेना। परीक्षा लिया लोगों ने, जयगुरुदेव नाम बिल्कुल खरा उतरा। कितनों की जान जयगुरुदेव नाम ने बचाया। अंतिम समय पर प्राण नहीं निकल रहे थे बहुत तफलीफ़ थी जयगुरुदेव नाम बोलने से प्राण आराम से निकले, कितनों के बिगड़े काम बने, कितनों के रोग ठीक हो गए, कितने ही परीक्षा में विद्यार्थी पास हुए, कितनों को नौकरी में तरक्की मिल गई। बोलने से भौतिक लाभ लोगों को मिलता है, दुनिया की चीजें मिलती है तब विश्वास होता है।

मौत के आखिरी समय पर जयगुरूदेव नाम मुंह से निकलने पर यमराज के दूत भाग जाएंगे

दुनिया की चीजों की ख्वाहिश, जरूरत रहती है आदमी की तो उसकी भी पूर्ति करनी पड़ती है। उसके लिए वर्णात्मक नाम सन्त बताते हैं। देखो प्रेमियों! गुरु महाराज तो दुनिया संसार से चले गए लेकिन उनके जगाये हुए जयगुरुदेव नाम में अब भी शक्ति है। जो नए लोग आए हो, कभी मुसीबत तकलीफ में पड़ो जयगुरुदेव नाम जरूर बोलना। लेकिन मुसीबत आवे क्यों? पहले ही क्यों न चेत जाओ। बराबर जयगुरुदेव नाम अगर बोलते रहोगे तो जयगुरुदेव नाम के आगे मुसीबत आ ही नहीं सकती है।

कोटि-कोटि मुनि जतन कराही।
अंत नाम मुख आवत नाही।।

आखिरी वक्त पर मुंह से नाम नहीं निकलता है। अगर नाम का अजपा जाप जब अंदर में होता रहे, बराबर नाम चलता रहे तो नाम को सुनकर के आखिरी वक्त पर वो तकलीफ,  यमराज के दूत आ ही नहीं सकते है।

60-70 साल से भूत बुड्ढे, लड़के पर लगे, दोनों मर गए और पोतों पर लगे लेकिन जयगुरुदेव नाम ध्वनि होने लगी तो छोड़कर भग गये

घरों में जिनके तकलीफें रहती थी, कैसी भी तकलीफें रहती थी, सुबह-शाम परिवार वालों को इकट्ठा करके जयगुरुदेव नाम की ध्वनि बोलना बुलवाना शुरू किया, उन घरों से तकलीफें जाती हुई दिखाई पड़ रही हैं। बहुत से लोगों के घर से तकलीफें चली गई। 50-60-70 साल के भूत घर में लगे हुए थे। बुड्ढे पर लगे थे। बुड्ढा मर गया, लड़के पर लगे, लड़का मर गया, पोतों पर लगे हुए थे। नाम ध्वनि बोलने से भूत छोड़कर के, चिल्ला-चिल्ला करके भागने लगे, कहते है कहां जाऊं क्या करूं, जब ये बोलते हैं, आवाज लगाते हैं, अब तो हमारा यहां कान फटने लगता है, कहीं भी जाऊं लेकिन अब जा रहा हूँ। ऐसे बोलते हैं।

आजमाइश कर के देख लो, जयगुरुदेव नाम ध्वनि बोलने से छोड़ देगा शराब

आपको क्या पता है, आजमाइश करके देखो। हमसे कहने की जरूरत नहीं है। कितनों को मैं बताऊंगा। बताता हूं तो जल्दी विश्वास नहीं करते हो। आपको किसी को किसी भी तरह की तकलीफ हो, जिनको नाम दान मिल गया है, आप लोग सुमिरन, ध्यान, भजन रोज करो और परिवार वालों कराओ। जिनको नामदान नहीं मिला, खानपान किसी का बिगड़ा हुआ है, आपके बहुत कहने, टाइट होने, जूता मारने पर शराब नहीं छोड़ रहा हो, उनको भी बैठाओ, उनको भी नाम ध्वनि बुलवाओ, वो जयगुरुदेव नाम बोलने, बुलवाने पर छोड़ देगा। मन ही हट जाएगा। 

जब तक लड़ाई, झगड़ा, बीमारी टेंशन रूपी मर्ज को खत्म नहीं करोगे तब तक भजन में मन नहीं लगेगा

मन देखो एक ही है। मन जिधर जाता है उधर ही लगा रहता है। मन जब उधर से हट करके इधर लग जाएगा, जयगुरुदेव नाम में, जयगुरुदेव ध्वनि में लग जाएगा तब कुछ दिन के बाद मन हट जाएगा। जो लोग भी इस बात को सुन रहे हो, इसे अमल करो। करने से होता है। दवा बहुत अच्छी दे दी जाए, खाओगे नहीं तो कहां से मर्ज जाएगा? सोचो आप। मर्ज को खत्म करना है। इस मर्ज को अगर खत्म नहीं करोगे, घर की तकलीफ को, घर में जो लड़ाई झगड़ा, बीमारी, टेंशन रूपी मर्ज है ये अगर जाएगा नहीं, ये रोग अगर जाएगा नहीं तो भजन में मन कैसे लगेगा। इसलिए पहला पाठ, पहली सीढ़ी है जयगुरुदेव नाम बोलने की। बराबर बुलवा कर देखो। नए लोग आप भी बोलो और बुलवा कर देखो।



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